BARABANKI NEWS :-

4.7/5 - (6 votes)

उमस और गर्मी के बीच शनिवार को हुई झमाझम बारिश से लोगों के चेहरे खिल उठे

BARABANKI उमस और गर्मी के बीच शनिवार को हुई झमाझम बारिश से लोगों के चेहरे खिल उठे। बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को भी बड़ी राहत मिली। वहीं शहर में व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। जलनिकासी का उचित प्रबंधन न होने के कारण सड़काें पर पानी भर गया।

BARABANKI

शनिवार को सुबह से ही बादल छाए रहे और दोपहर में अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई। आधे घंटे से अधिक हुई बारिश में शहर लबालब हो गया। जिले में 56.4 मिलीमीटर बारिश रिकाॅर्ड की गई। इससे लोगों काे राहत महसूस हुई। साथ ही कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के खेतों में भी पानी पहुंच गया। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा समय में बारिश होना धान की फसल के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे फसल की पैदावार बढ़ेगी। किसानों को निजी संसाधनों से सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी, जिससे कम लागत में अधिक मुनाफा होगा। बारिश से जहां एक ओर लोगों काे राहत और किसानों को फायदा हुआ।

वहीं दूसरी ओर शहर में जलभराव की समस्या भी देखने को मिली। शहर के नाका सतरिख चौराहे पर बारिश के बाद नालों का पानी सड़कों पर बहने लगा। इससे लोगों को पैदल तो दूर वाहन से भी निकलने में मुश्किल हुई। इसी प्रकार पल्हरी चौराहे पर भी जलनिकासी का उचित प्रबंधन न होने से बारिश का पानी सड़क पर भर गया।

इसके अलावा लक्ष्मणपुरी, आवास विकास, देवा रोड, दशहराबाग, लखपेड़ाबाग, पीरबटावन आदि मोहल्लों में भी जलभराव देखने को मिला। शहर वासियों ने बताया कि नाला सफाई अभियान के दौरान हुई लापरवाही के कारण जलभराव हो जाता है। वहीं इस संबंध में ईओ संजय शुक्ला ने कहा कि जहां अधिक जलभराव की स्थिति होगी, वहां पंपिंग सेट लगाकर पानी निकाला जाएगा।


BARABANKI NEWS


इमाम हुसैन की याद में #Barabanki में निकाला गया आशूरा मोहर्रम का जुलूस, शिया और सुन्नी समुदाय का अलग अलग निकाला गया जुलूस, जिले के अधिकतर रास्ते साफ़ है और सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद है।

BARABANKI बाराबंकी। पांचवीं मोहर्रम का जुलूस फजलुर्रहमान पार्क से बड़ी शानो शौकत के साथ निकाला गया। जुलूस में शामिल लोग हजरत इमाम हुसैन की याद में अलम व ताजिया उठाकर चल रहे थे। उन्होंने हजरत इमाम हुसैन की शहादत पर नौहा ख्वानी कर दुआ भी की l इसके साथ ही मोहर्रम कपर मजलिसों का सिलसिला भी चलता रहा।

देवा रोड स्थित गुलाम अस्करी हाल में मौलाना रजा हुसैन ने कहा कि जहां हक नहीं होता वहां मुकद्दर में सिर्फ तबाही होती है। कर्बला में शहीद होने वाले बच्चों का मंजर प्रस्तुत करने से मजलिस में मौजूद सभी लोगों की आंखों से आंसू टपकने लगे। इससे पहले शायरों ने नजराने अकीदत पेश किया। अंजुमन गुलाम ए अस्करी ने नौहाख़्वानी व सीनाजनी की। वहीं कटरा स्थित इमाम बाड़ा मीर मासूम अली में अशरे की पांचवीं मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना जाबिर जौरासी ने कहा कि दीने मोहम्मदी व इंसानियत को बचाने में इमाम हुसैन के साथ उनकी बहन जैनब का भी अहम किरदार है।


Leave a comment