EYE FLU ( BARABANKI ) :-

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Barabanki News: लगातार बढ़ रहा आई फ्लू, स्कूलों में सतर्कता बढ़ाई

BARABANKI बाराबंकी। आई फ्लू EYE FLU का प्रकोप कम होने का नाम ही नहीं ले रहा। जिले में प्रतिदिन करीब 500 नए मरीज मिल रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की लाइन लगी हुई है। साथ ही आंख की दवाओं का संकट भी शुरू हो गया है। बाजारों में आई ड्रॉप महंगे दामों पर बिक रहे हैं। सबसे अधिक समस्या बच्चों को आ रही है। आई फ्लू के चलते स्कूलों ने गाइडलाइन जारी कर दी है। इसमें वह बच्चे जो संक्रमित हैं, उनके स्कूल आने पर पाबंदी लगाई गई है।

शनिवार को जिला अस्पताल में आई फ्लू के करीब 425 मरीज देखे गए। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव साहू ने बताया कि लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। आई फ्लू का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर देखने को मिल रहा है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी आई फ्लू को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्कूलों की ओर यह निर्देश जारी किया गया है कि संक्रमित बच्चे घर में ही रहें। इसके अलावा स्वस्थ्य बच्चों को भी सावधानी पूर्वक और चश्मा लगाकर स्कूल आने के लिए कहा गया है। कोई न कोई आए दिन स्कूल में आई फ्लू की चपेट में आ जाता है।

बच्चों के लिए ऐसे करें बचाव


डॉ. ने बताया कि आई फ्लू से बच्चों का बचाए रखने के लिए टीवी या मोबाइल से दूर रखें। रोजाना इस्तेमाल किए जाने वाले रुमाल व तौलिया को नियमित साफ करें। समय-समय पर हाथों को साबून या सैनिटाइजर के प्रयोग से साफ करें। हर एक घंटे पर आंखों को ठंडे पानी से धोएं और चश्मा लगाकर ही बच्चों के लिए ऐसे करें बचावबाहर निकलें। साथ ही दूसरे की आंखों में न देखें और बार-बार आखों को हाथ से न छुएं।


BARABANKI NEWS 2


सतरिख (बाराबंकी)। अर्नव पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के हॉस्टल के कमरे में एक छात्र का शव फंदे से लटका मिला। वहां एक सुसाइड नोट भी मिला जिसमें कॉलेज की ही छात्रा द्वारा प्यार में धोखा देने पर आत्महत्या करने का जिक्र है।

पुलिस ने छात्रा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। घटना के बाद से छात्रा फरार है। बताया जाता है कि छात्रा के कहने पर ही संत कबीरनगर जिले के बेलरई गांव निवासी मंजेश चौहान (23) ने 10 मई को हरख-सतरिख मार्ग पर स्थित इस कॉलेज में प्रवेश लिया था। वह बृहस्पतिवार को कॉलेज पहुंचा। उसे रुकने के लिए हॉस्टल में एक कमरा दिया गया। शुक्रवार शाम वह कमरे में सोने चला गया। शनिवार सुबह सफाईकर्मी विमल ने दरवाजा खटखटाया तो नहीं खुला। उसने खिड़की से देखा तो मंजेश का शव फंदे से लटक रहा था। सूचना पर पुलिस पहुंची और दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। छात्र का मोबाइल पुलिस ने जब्त कर लिया है।

शव देख बेहोश हो गई मंजेश की मां


मेडिकल छात्र मंजेश की मौत की सूचना पाकर संतकबीर नगर से उसकी मां चंदा, उसके बहनोई व गांव के प्रधान शनिवार को घटनास्थल पर पहुंचे। बेटे का शव देखते ही मां चीखी और बेहोश हो गई और अन्य परिजन भी बिलखने लगे। अन्य लोगों ने बताया कि उनके पड़ोस के गांव की युवती से मंजेश का प्रेम संबंध था। मंजेश के पिता की मौत सालों पहले हो चुकी है। बड़े भाई दूसरे प्रांतों में मजदूरी करते हैं। घर का खर्चा तिहाई पर खेत बोकर पूरा होता था।

यह धोखा बर्दाश्त नहीं कर पा रहा…

भैया-भाभी को संबोधित नोट में छात्र ने मां का ख्याल रखने की बात कही है। कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा द्वारा धोखा देने की बात लिखी है। छात्र ने लिखा है कि मैं उसी के लिए यहां पढ़ने आया था। जब हम पढ़ने गए थे हमें शादी के लिए बुलाया और कहीं न छोड़कर जाने को कहा था। अब वह पढ़ने लगी तो मुझसे दूर रहने को कह रही है। मैं यह धोखा नहीं बर्दाश्त नहीं कर पा रहा हूं…।


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