NUH VIOLENCE REASON :-

Nuh Violence Reason: नूह में सोमवार को हुई हिंसा में दो होमगार्ड की मौत हो गई है. वहीं 200 से ज्यादा लोग गंभीर तौर पर घायल हैं. आखिर हिंसा क्यों हुई और पूरा मामला क्या है. आइये जानते हैं.

Nuh Violence Reason: नूह में हालात गंभीर बने हुए हैं, सोमवार को हुए विवाद में 2 होम गार्ड की मौत हो गई है और 200 से ज्यादा लोग घायल हैं. ये हिंसा बजरंगदल और हिंदू विश्व परिषद के धार्मिक जुलूस के दौरान हुई, जिसमें दर्जनों कारों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. दो समुदायों के बीच हुए इस हिंसा पर लगाम लगाने के लिए गुरुग्राम जिले की सभी मोबाइल सेवाएं बंद करनी पड़ी. जिसके बाद हालात नॉर्मल होने शुरू हुए हैं. अतिरिक्त बलों को पैराशूट से भेजा गया औ मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने निवासियों से हिंसा से दूर रहने की गुजारिश की है.

गुरुग्राम प्रशासन ने मंगलवार को सभी स्कूल बंद करने का ऐलान किया है. वहीं रात 11 बजे तक 20 लोगों को हिरासत में ले लिया गया था. पुलिस ने जानकारी दी है कि जुलूस शुरू होने के 10 मिनट बाद हिंसा हुई. सोमवार दोपहर 2 बजे जुलूस में शामिल तकरीबन 200 लोग एडवर्ड चौक की ओर जा रहे थे. इसी दौरान उनपर दूसरे समुदाय की ओर से पथराव हुआ. इसके बाद जुलूस निकाल रहे लोग भाग गए और फिर इकट्ठा होकर वापस आए. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि जुलूस के में भड़काऊ नारे लगाए गए. इस कारण पूरा विवाद शुरू हुआ.

DSP के लगी गोली

इस हिंसा में डीसीपी सज्जन दलाल के सिर में गोली लगी है, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इसके अलावा इंस्पेक्टर अनिल कुमार के भी गोली के कारण पेट में चोट है और उनका भी इलाज हो रहा है.

क्यों हुई नूह (NUH) में हिंसा

एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी है कि एक अफवाह के कारण ये हिंसा हुई है. अफवाह थी कि बजरंग दल का सदस्य और गोरक्षक मोनू मानेसर, जो इस फरवरी में हरियाणा के भिवानी में दो मुस्लिम लोगों की हत्या के लिए वांछित था, वह भी जुलूस का हिस्सा होगा. अधिकारी ने कहा, इससे पहले मानेसर का एक वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर प्रसारित होना शुरू हुआ था.

वीडियो में वह कह रहा था कि वह जुलूस में भाग लेने के लिए नूंह पहुंचेगा, जबकि अन्य लोगों से बड़े पैमाने पर इसमें भाग लेने की अपील की जा रही थी. अधिकारी ने कहा, ”वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में घबराहट फैल गई. जिसके बाद ही ये पूरा विवाद हुआ है.

पुलिस चौकी को लगाई आग

करीब 2500 लोग जिन्होंने शिव मंदिर में शरण ली हुई थी उन्हें पुलिस ने हिफाजत के साथ बाहर निकाला. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जुलूस पर हमला करने वाले लोगों ने नूंह के साइबर पुलिस स्टेशन में भी तोड़फोड़ की और गुरुग्राम से लगभग 50 किमी दूर एडवर्ड चौक पर एक पुलिस चौकी को आग लगा दी.

भड़काऊ नारे लगे

NUH नूह के रहने वाले नासिर बताते हैं कि धार्मिक जुलूस में शामिल होने वाले भड़काऊ नारे लगा रहे थे. फिरोजपुर झिरका निवासी इकबाल खान का आरोप है कि जुलूस में शामिल लोगों ने पहले राहगीरों पर हमला किया. उन्होंने बताया “मस्जिद से निकल रहे कई लोगों ने जवाबी कार्रवाई की और हालात नियंत्रण से बाहर हो गए.”


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